NIOS Bridge Course: पाठ-योजना का निर्माण (School Experience) | Complete Lesson Plan Secret
Summary
यह वीडियो एनआईओएस ब्रिज कोर्स के स्कूल अनुभव मॉड्यूल के तहत पाठ योजना (लेसन प्लान) निर्माण पर मनीषा तनेजा द्वारा दिए गए लाइव सत्र का सारांश प्रस्तुत करता है। इसमें पाठ योजना का अर्थ, उद्देश्य, आवश्यकता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इसका महत्व, और एक आदर्श पाठ योजना का प्रारूप समझाया गया है। वीडियो '5E' मॉडल (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate) पर आधारित एक विस्तृत पाठ योजना का उदाहरण भी प्रस्तुत करता है, जिसका उद्देश्य शिक्षण को प्रभावी, व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण बनाना है।
Key Insights
पाठ योजना का उद्देश्य कक्षा को प्रभावी, व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण बनाना है।
लेसन प्लान बनाने का मुख्य उद्देश्य कक्षा को प्रभावी (effective), व्यवस्थित (arranged) और उद्देश्यपूर्ण (purposeful/goal-oriented) बनाना है, ताकि शिक्षण अधिगम प्रक्रिया सुचारू रूप से लक्ष्य की ओर बढ़ सके।
पाठ योजना एक व्यवस्थित रूपरेखा है जो विषय वस्तु को पढ़ाने की पूर्व तैयारी को दर्शाती है।
इस प्रकार, पाठ योजना किसी कक्षा में एक निश्चित समय-खंड में विषय वस्तु को पढ़ाने की एक व्यवस्थित रूपरेखा (systematic outline) है। इसे शिक्षण की पूर्व तैयारी या ब्लूप्रिंट भी कहा जाता है।
5E मॉडल (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate) एक रचनावादी उपागम है।
5E मॉडल एक रचनावादी (constructivist) उपागम है जो छात्रों को सक्रिय रूप से सीखने में मदद करता है। इसके पांच चरण हैं: Engage (संलग्न करना), Explore (खोज करना), Explain (स्पष्ट करना), Elaborate (विस्तार करना), और Evaluate (मूल्यांकन करना)।
Sections
परिचय और पाठ योजना का महत्व
एनआईओएस ब्रिज कोर्स के स्कूल अनुभव में पाठ योजना निर्माण पर लाइव सत्र आयोजित किया गया।
एनआईओएस ब्रिज कोर्स कर रहे शिक्षकों के लिए स्कूल अनुभव विषय पर एक लाइव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें मनीषा मैम ने पाठ योजना (लेसन प्लान) के निर्माण पर चर्चा की। सत्र का उद्देश्य लेसन प्लान डिजाइन करने के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाना था।
पाठ योजना का उद्देश्य कक्षा को प्रभावी, व्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण बनाना है।
लेसन प्लान बनाने का मुख्य उद्देश्य कक्षा को प्रभावी (effective), व्यवस्थित (arranged) और उद्देश्यपूर्ण (purposeful/goal-oriented) बनाना है, ताकि शिक्षण अधिगम प्रक्रिया सुचारू रूप से लक्ष्य की ओर बढ़ सके।
सत्र के एंकर और वक्ता का परिचय दिया गया।
सत्र की एंकरिंग उमंग चौहान (एनआईओएस में होम साइंस एओ) ने की, जबकि सत्र का संचालन मनीषा तनेजा (एससीईआरटी दिल्ली) ने किया। यह सत्र एनआईओएस द्वारा 24 अक्टूबर 2023 को आयोजित किया गया था।
पाठ योजना का अर्थ और आवश्यकता
पाठ का अर्थ है कक्षा में एक निश्चित समय में पढ़ाई जाने वाली विषय वस्तु।
पाठ (Lesson) का अर्थ है किसी कक्षा में एक कालखंड (period) में शिक्षक द्वारा पढ़ाई जाने वाली विषय वस्तु (content)।
योजना का अर्थ है किसी कार्य को करने की पूर्व तैयारी।
योजना (Plan) का अर्थ है भविष्य में किए जाने वाले कार्य के लिए पहले से की गई तैयारी।
पाठ योजना एक व्यवस्थित रूपरेखा है जो विषय वस्तु को पढ़ाने की पूर्व तैयारी को दर्शाती है।
इस प्रकार, पाठ योजना किसी कक्षा में एक निश्चित समय-खंड में विषय वस्तु को पढ़ाने की एक व्यवस्थित रूपरेखा (systematic outline) है। इसे शिक्षण की पूर्व तैयारी या ब्लूप्रिंट भी कहा जाता है।
पाठ योजना शिक्षक को आत्मविश्वास, स्पष्टता देती है और निश्चित उद्देश्य के साथ शिक्षण में सहायता करती है।
पाठ योजना बनाने से शिक्षक को आत्मविश्वास (confidence) मिलता है, शिक्षण में स्पष्टता (clarity) आती है, और एक निश्चित उद्देश्य (definite objective) के साथ शिक्षण कार्य पूरा करने में मदद मिलती है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और 'पंचपदी' उपागम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 बच्चों के समग्र विकास के लिए 'पंचपदी' उपागम अपनाती है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा 2020 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों के समग्र विकास हेतु 'पंचपदी' (पंच-कोश) उपागम अपनाया गया है।
'पंचपदी' उपागम के पांच चरण हैं: अदिति, बोध, अभ्यास, प्रयोग, और प्रसार।
पंचपदी उपागम के पांच चरण हैं: 1. अदिति (Engage - विषय वस्तु का परिचय), 2. बोध (Explore/Explain - अवधारणात्मक समझ विकसित करना), 3. अभ्यास (Exercise - सीखी गई संकल्पनाओं का निरंतर अभ्यास), 4. प्रयोग (Experiment - वास्तविक जीवन से जोड़ना), 5. प्रसार (Elaborate/Expand - ज्ञान का विस्तार)।
शिक्षण को वास्तविक जीवन से जोड़ना पंचपदी उपागम का मुख्य उद्देश्य है।
प्रयोग चरण में, शिक्षक को यह प्रयास करना चाहिए कि पढ़ाई जा रही सामग्री को बच्चों के वास्तविक जीवन (real life) से जोड़ा जा सके, ताकि वे ज्ञान का विस्तार कर सकें और उसे अन्य संदर्भों से जोड़ सकें।
आदर्श पाठ योजना का उदाहरण (हिंदी - बीरबल की खिचड़ी)
कक्षा 3, विषय हिंदी, प्रकरण 'बीरबल की खिचड़ी' हेतु पाठ योजना का प्रारूप प्रस्तुत किया गया।
एक आदर्श पाठ योजना के उदाहरण के रूप में कक्षा 3 की हिंदी की इकाई 'हमारे मित्र' के अंतर्गत प्रकरण 'बीरबल की खिचड़ी' (कहानी) के लिए पाठ योजना का प्रारूप दिखाया गया, जिसमें यूनिट, प्रकरण, कालखंड, अवधि, पाठ्यक्रम लक्ष्य (Curriculum Goal), और सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes) शामिल थे।
सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes) में कहानी सुनकर प्रतिक्रिया देना और शब्दों के अर्थ समझना शामिल है।
सीखने के प्रतिफल में विभिन्न संदर्भों में बातचीत, कहानी सुनना, अपनी प्रतिक्रिया देना, घटनाओं का क्रम समझना, कठिन शब्दों के अर्थ जानना और उनका प्रयोग करना शामिल है।
शिक्षण-अधिगम सामग्री में शब्द कार्ड और चार्ट पेपर का उपयोग किया जाएगा।
इस पाठ के लिए शिक्षण-अधिगम सामग्री के रूप में विभिन्न शब्दों वाले शब्द कार्ड और खिचड़ी पकाने के दृश्य का चित्रांकन वाला चार्ट पेपर उपयोग किया जाएगा।
5E आधारित पाठ योजना मॉडल
5E मॉडल (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate) एक रचनावादी उपागम है।
5E मॉडल एक रचनावादी (constructivist) उपागम है जो छात्रों को सक्रिय रूप से सीखने में मदद करता है। इसके पांच चरण हैं: Engage (संलग्न करना), Explore (खोज करना), Explain (स्पष्ट करना), Elaborate (विस्तार करना), और Evaluate (मूल्यांकन करना)।
5E मॉडल में प्रत्येक चरण विशिष्ट समय-अवधि और उद्देश्य के साथ क्रियान्वित किया जाता है।
कक्षा 3, हिंदी, 'बीरबल की खिचड़ी' प्रकरण के लिए 5E मॉडल का उपयोग करके पाठ योजना बताई गई, जिसमें प्रत्येक चरण (Engage, Explore, Explain, Elaborate, Evaluate) के लिए समय (जैसे 10, 8, 8, 10, 6 मिनट) और विशिष्ट गतिविधियाँ परिभाषित की गईं।
Engage: शिक्षक छात्रों से ठंड के मौसम में गर्म खाने के अनुभव और कठिन कार्यों पर चर्चा करेंगे।
Engage चरण में, शिक्षक छात्रों से ठंड के मौसम में गर्म खाना पकाने के अनुभव और उन्हें लगे किसी कठिन कार्य पर चर्चा करेंगे, जिससे पूर्व ज्ञान को सक्रिय किया जा सके।
Explore: छात्र पाठ पढ़ेंगे, पात्रों को पहचानेंगे और घटनाओं के क्रम को आपस में चर्चा कर खोजेंगे।
Explore चरण में, छात्र 'बीरबल की खिचड़ी' पाठ पढ़ेंगे, बादशाह और बीरबल जैसे पात्रों को पहचानेंगे, और कहानी में हुई घटनाओं के क्रम को आपस में चर्चा करके समझेंगे।
Explain: शिक्षक कठिन शब्दों के अर्थ समझाएंगे और बीरबल के तार्किक संदेश को स्पष्ट करेंगे।
Explain चरण में, शिक्षक कहानी के कठिन शब्दों के अर्थ बताएंगे और यह स्पष्ट करेंगे कि बीरबल ने आग से दूर हांडी रखकर बादशाह को क्या तार्किक संदेश देने का प्रयास किया था।
Elaborate: छात्र खिचड़ी पकाने का चित्र बनाएंगे और शब्द कार्ड से संवाद रचकर ज्ञान का विस्तार करेंगे।
Elaborate चरण में, छात्र खिचड़ी पकाने का दृश्य चित्रित करेंगे, शब्द कार्ड का उपयोग करके संवाद (जैसे बीरबल, बादशाह बनने का अभिनय) बनाएंगे, और सीखी गई समझ को वास्तविक जीवन से जोड़ेंगे।
Evaluate: शिक्षक बीरबल की चतुराई और न्याय पर मौखिक प्रश्न पूछकर छात्रों का आकलन करेंगे।
Evaluate चरण में, शिक्षक छात्रों से 'बी्रबल ने चतुराई से न्याय कैसे किया?' जैसे मौखिक प्रश्न पूछेंगे और उनके उत्तरों के आधार पर उनके अधिगम प्रतिफलों (learning outcomes) का आकलन करेंगे।
स्कूल अनुभव के अन्य घटक और निष्कर्ष
पाठ योजना स्कूल अनुभव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें पोर्टफोलियो और रिफ्लेक्टिव डायरी भी शामिल हैं।
पाठ योजना (Lesson Plan) स्कूल अनुभव (School Experience) का एक हिस्सा मात्र है। इसके अलावा, पोर्टफोलियो (Portfolio) और रिफ्लेक्टिव डायरी (Reflective Diary) जैसे अन्य घटक भी स्कूल अनुभव का हिस्सा होते हैं।
स्कूल अनुभव में बच्चों का आकलन, पोर्टफोलियो निर्माण और डैशबोर्ड पर अपलोडिंग शामिल है।
स्कूल अनुभव के अंतर्गत बच्चों का आकलन (assessment), पोर्टफोलियो (portfolio) बनाना और समय-समय पर आवश्यक जानकारी (जैसे डैशबोर्ड पर अपलोडिंग) को पूरा करना शामिल है।
शिक्षार्थियों को 5E आधारित पाठ योजना बनाने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई।
सत्र के अंत में, सभी शिक्षक साथियों को सलाह दी गई कि वे अच्छे परिणाम के लिए 5E आधारित पाठ योजना बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। भविष्य में असाइनमेंट, पेडागोजिकल पार्ट और मुख्य कंटेंट पर भी चर्चा की जाएगी।
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