Summary
यह वीडियो शिक्षण के एक पेशेवर दृष्टिकोण की पड़ताल करता है, जिसमें चिंतनशील प्रथाओं, व्यावसायिक ज्ञान के तीन स्तरों (ज्ञान 'के लिए' अभ्यास, ज्ञान 'में' अभ्यास, और ज्ञान 'से' अभ्यास) और ज्ञान निर्माण के लिए आवश्यक कारकों पर जोर दिया गया है। इसमें व्यावसायिक सीखने के समुदायों (CoPs) के महत्व, उनकी विशेषताओं और लाभों पर भी चर्चा की गई है, साथ ही शिक्षकों के लिए आवश्यक दक्षताओं और व्यक्तिगत, प्रक्रिया-उन्मुख और परिणाम-उन्मुख सीखने के दृष्टिकोणों को भी रेखांकित किया गया है।
Key Insights
CoPs के माध्यम से सहयोग करने से समस्या-समाधान तेज होता है और लागत कम होती है।
CoPs के लाभों में शामिल हैं: तेज समस्या-समाधान, कम सीखने की अवस्था (learning curve), मौजूदा ज्ञान का पुनर्निमाण (re-invention) रोकना, और भविष्य में महंगी गलतियों से बचना।
Sections
व्यावसायिक शिक्षा में चिंतनशील अभ्यास
व्यावसायिक अभ्यास को समस्या-समाधान के लिए एक व्यवस्थित जांच के रूप में परिभाषित किया गया है।
वीडियो एक पेशेवर व्याख्यान के संदर्भ के साथ शुरू होता है, जहां 'पुलिस' शब्द किसी समस्या की जांच करने और समाधान खोजने की प्रक्रिया को दर्शाता है। यह 'चिंतनशील अभ्यास' की अवधारणा का परिचय देता है, जिसे अपने स्वयं के शिक्षण, जैसा कि एक शिक्षक करता है, को प्रतिबिंबित करने और उसका विश्लेषण करने की क्रिया के रूप में परिभाषित किया गया है।
शिक्षण कला एक सतत परिष्कृत होने वाली कला है, जिसमें शिक्षक के ज्ञान की विभिन्न परतें शामिल होती हैं।
शिक्षण की कला को 'कला' के रूप में परिभाषित किया गया है जिसे बार-बार परिष्कृत करने की आवश्यकता होती है। शिक्षक के ज्ञान को तीन स्तरों में विभाजित किया गया है: ज्ञान 'के लिए' अभ्यास, ज्ञान 'में' अभ्यास, और ज्ञान 'से' अभ्यास।
ज्ञान 'के लिए' अभ्यास में शोध से सीखी गई शैक्षणिक सामग्री शामिल होती है।
ज्ञान 'के लिए' अभ्यास: इस स्तर पर, शिक्षक शोध से सामग्री सीखते हैं और अभ्यास के लिए ज्ञान प्राप्त करते हैं।
ज्ञान 'में' अभ्यास शिक्षण अभ्यास के दौरान प्राप्त ज्ञान है।
ज्ञान 'में' अभ्यास: यह वह ज्ञान है जो शिक्षक अपनी शिक्षण अभ्यास के दौरान प्राप्त करता है।
ज्ञान 'से' अभ्यास में प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक रूप से लागू करना शामिल है।
ज्ञान 'से' अभ्यास: इसमें वह ज्ञान शामिल है जो शिक्षक ने प्राप्त किया है और जिसे वह व्यावहारिक रूप से लागू करता है।
एक सफल परावर्तक बनने के लिए व्यवहारिक, जुड़ाव और खुले विचारों वाले दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है।
एक परावर्तक बनने में तीन महत्वपूर्ण गुण शामिल हैं: व्यवहारिक (responsible), जुड़ाव (engaged), और खुले विचारों वाला (open-minded)। यदि कोई शिक्षक केवल सतही तौर पर शामिल होता है, तो यह एक पेशेवर की नैतिक आयाम की कमी को दर्शाता है।
शिक्षण में 'सम्पूर्ण हृदय' से भागीदारी एक महत्वपूर्ण नैतिक आयाम है।
शिक्षण एक 'कला' है जिसे बार-बार परिष्कृत करने की आवश्यकता होती है, और एक पेशेवर के लिए कक्षा में 'सम्पूर्ण हृदय' से शामिल होना महत्वपूर्ण है।
व्यावसायिक सीखने के समुदाय (CoPs)
व्यावसायिक सीखने के समुदाय (CoPs) साझा रुचियों वाले पेशेवरों का एक समूह है जो ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान करते हैं।
CoPs को लोगों के ऐसे समूह के रूप में परिभाषित किया गया है जो एक साझा रुचि के विषय पर अपनी जानकारी और अनुभव साझा करते हैं। इसमें सामुदायिक सदस्यता और संबंध महत्वपूर्ण हैं।
CoPs साथियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर ज्ञान निर्माण और प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
CoPs ज्ञान निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं, जहाँ पेशेवर आपस में ज्ञान साझा करते हैं। यह प्रशिक्षण का एक रूप भी हो सकता है।
CoPs के माध्यम से सहयोग करने से समस्या-समाधान तेज होता है और लागत कम होती है।
CoPs के लाभों में शामिल हैं: तेज समस्या-समाधान, कम सीखने की अवस्था (learning curve), मौजूदा ज्ञान का पुनर्निमाण (re-invention) रोकना, और भविष्य में महंगी गलतियों से बचना।
CoPs साथियों के ज्ञान साझाकरण से जोखिमों को कम करने में मदद करते हैं।
साथियों के साथ ज्ञान साझा करने से, पेशेवर उन संभावित नुकसानों से बच सकते हैं जो गलत निर्णय लेने के कारण हो सकते हैं।
CoPs में सीखने में तीन मुख्य तत्व शामिल होते हैं: इरादा (intention), क्रिया (action), और परिणाम (outcome)।
CoPs में सीखने की प्रक्रिया में तीन तत्व शामिल होते हैं: इरादा (आपकी क्या मंशा है), क्रिया (आपका अमल), और परिणाम (नतीजा)। यह अनुक्रम महत्वपूर्ण है।
पेशेवर विकास के लिए CoPs एक बहुआयामी दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।
CoPs शिक्षकों को केवल विषय वस्तु में महारत हासिल करने के बजाय, सीखने के विभिन्न तरीकों का उपयोग करके अपने कौशल को विकसित करने में मदद करते हैं।
शिक्षक ज्ञान और दक्षता
एक कुशल शिक्षक को तीन मुख्य क्षेत्रों में निपुणता हासिल करनी चाहिए: ज्ञान, प्रौद्योगिकी और व्यक्तिगत गुण।
एक शिक्षक के पेशेवर ज्ञान में तीन मुख्य क्षेत्र शामिल हैं: ज्ञान (जिसमें विषय वस्तु, शैक्षणिक ज्ञान आदि शामिल हैं), प्रौद्योगिकी (शिक्षण सहायक उपकरण), और व्यक्तिगत गुण (जैसे सांस्कृतिक स्वीकृति)।
प्रभावी शिक्षण के लिए संचार, महत्वपूर्ण सोच और संगठनात्मक कौशल आवश्यक हैं।
ज्ञान के क्षेत्र में, एक शिक्षक को संचार कौशल, महत्वपूर्ण सोच और संगठन और परिवर्तन प्रबंधन में दक्षता की आवश्यकता होती है।
निर्णय लेने की क्षमता और समस्या-समाधान कौशल शिक्षक के लिए महत्वपूर्ण हैं।
एक शिक्षक की निर्णय लेने की क्षमता, समस्या-समाधान कौशल, और तकनीकी उपकरणों का उपयोग करने की क्षमता भी पेशेवर ज्ञान का हिस्सा है।
शिक्षकों के लिए निरंतर जीवन भर सीखना आवश्यक है।
शिक्षक को जीवन भर सीखने की आवश्यकता है, जिसका अर्थ है कि वे निरंतर सीखते रहें।
समस्या-समाधान शिक्षण का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसका उद्देश्य छात्रों में आलोचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
समस्या-समाधान शिक्षण का एक विशिष्ट प्रकार है, जिसका उद्देश्य छात्रों के अंदर आलोचनात्मक सोच को बढ़ाना है।
सीखने के दृष्टिकोण
संकीर्ण (Narrow) दृष्टिकोण में, सीखने को नियोक्ता की आवश्यकताओं से प्रेरित किया जाता है।
संकीर्ण दृष्टिकोण (Narrow perspective) में, एम्प्लॉयर (नियोक्ता) या संगठन की आवश्यकताओं के कारण सीखने को बढ़ावा दिया जाता है।
व्यापक (Broad) दृष्टिकोण में, सीखना व्यक्ति की अपनी आवश्यकताओं पर केंद्रित होता है।
व्यापक दृष्टिकोण (Broad perspective) में, सीखना एम्प्लॉयर की जरूरतों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि यह व्यक्ति की अपनी जरूरतों को पूरा करता है।
व्यावसायिक विकास के लिए सीखने में एक गतिशील संतुलन की आवश्यकता होती है।
व्यावसायिक सीखने की यात्रा को परिभाषित करने वाले विभिन्न दृष्टिकोण प्रस्तुत किए गए हैं, जिनमें संकीर्ण और व्यापक दृष्टिकोण शामिल हैं, जो सीखने की प्रेरणा और दिशा को दर्शाते हैं।
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