Summary
यह पॉडकास्ट ज्योतिष विशेषज्ञ दीपा खन्ना द्वारा धन, प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य और व्यक्तिगत विकास के लिए विभिन्न ज्योतिषीय उपायों पर केंद्रित है। इसमें ग्रहों की स्थिति, विशेषकर शुक्र, चंद्र, सूर्य और मंगल के प्रभाव से धन की कमी, रिश्तों में समस्या, आत्मविश्वास की कमी और बालों व त्वचा संबंधी समस्याओं का समाधान बताया गया है। इसके अतिरिक्त, यह पॉडकास्ट नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने, आकर्षण शक्ति बढ़ाने और व्यक्तित्व को निखारने के व्यावहारिक नुस्खे भी साझा करता है।
Key Insights
सूर्य को तांबे के लोटे में कुमकुम मिलाकर जल चढ़ाने से मंगल मजबूत होता है और जोश बढ़ता है।
यदि आपमें जोश की कमी है या आलस आता है, तो तांबे के लोटे में सूर्योदय से पहले (8:30 बजे से पहले) जल में थोड़ा कुमकुम डालकर सूर्य नारायण को अर्पण करें। इससे आपका मंगल ग्रह मजबूत होगा।
सूर्य को जल चढ़ाने के सही नियम: तांबे के लोटे से, पूर्व दिशा से, 8:30 बजे से पहले, और जमीन पर गिराकर नहीं।
सूर्य को मजबूत करने के लिए सूर्योदय के समय या उससे पहले नहा-धोकर, तांबे के लोटे में तांबे के लोटे में जल भरें। जल हाथ से जमीन पर नहीं गिरना चाहिए, बल्कि एक पात्र में इकट्ठा कर किसी पौधे में डालना चाहिए (तुलसी और शमी को छोड़कर)। कोहनी को शरीर से सटाकर जल अर्पित करें।
कठिन मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जाप और सूर्य को जल चढ़ाने के बाद उस जल से माथे पर टीका लगाने से आत्मविश्वास और मान-सम्मान बढ़ता है।
यदि आपका आत्मविश्वास बहुत कम है, घबराहट होती है, या आप किसी से बात करने में संकोच करते हैं, तो 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें और सूर्य को जल चढ़ाएं। जल इकट्ठा करके माथे पर टीका लगाएं। इससे आपका आत्मविश्वास और मान-सम्मान बढ़ेगा।
बुध और राहु की युति या गोचर सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता दिलाता है।
बुध और राहु का संबंध (कुंडली में या गोचर में) संचार कौशल, डिजिटल कार्य, शिक्षा और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग में सफलता दिलाता है। प्रभावी वाणी और गणनात्मक बुध इसमें सहायक होते हैं।
गुरु की 12वें भाव पर दृष्टि अनपेक्षित नुकसान, जेल योग और अत्यधिक हॉस्पिटल खर्च का कारण बन सकती है।
कुंडली का 12वां भाव व्यय, नुकसान और जेल का स्थान होता है। यदि गुरु की दृष्टि इस भाव पर पड़ती है, तो अनपेक्षित नुकसान, जेल जाने के योग और हॉस्पिटल में अत्यधिक खर्च हो सकता है, भले ही गुरु शुभ ग्रह हो।
धन की रुकावट दूर करने के लिए पीली कौड़ी को नदी में प्रवाहित करने से पहले चार बार एंटी-क्लॉकवाइज सिर से उतारें।
जब धन आगमन में बाधाएं आ रही हों, तो चार पीली कौड़ियां लें, उन्हें किसी बहती जल (नदी) के किनारे ले जाकर, अपने सिर से चार बार एंटी-क्लॉकवाइज उतारें और फिर उन्हें जल में प्रवाहित कर दें।
गर्लफ्रेंड से संबंधों में सुधार के लिए शुक्रवार शाम को इत्र को लक्ष्मी मंदिर में रखकर 'शुं शुक्राय नमः' मंत्र का जाप करें।
शुक्रवार की शाम को लड़के को इत्र की बोतल लक्ष्मी मंदिर में रखनी चाहिए। वहां 'शुं शुक्राय नमः' मंत्र का 11 बार जाप करके इत्र को अभिमंत्रित करें। फिर इस इत्र को रोज अपने शुक्र पर्वत पर लगाकर टैप करें। 43 दिनों तक ऐसा करने से प्रेम बढ़ेगा।
आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए बादाम, देशी घी, गुलाब जल और केसर से बना काजल रविवार को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र से चार्ज करें।
आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए रविवार को बादाम जलाकर उसकी राख में देशी घी, गुलाब जल और थोड़ी केसर मिलाकर काजल बनाएं। इसे 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र से चार्ज करें और आंख में लगाएं या कान के पीछे टीका लगाएं। इससे तेज बढ़ेगा।
बिना नहाए रसोई में घुसना, चप्पल पहनकर खाना बनाना और बार-बार चखना सूर्य को खराब करता है और मान-सम्मान घटाता है।
एक स्त्री का बिना नहाए धोए रसोई में प्रवेश करना, चप्पल पहनकर खाना बनाना और बार-बार भोजन चखना उसका और परिवार का सूर्य ग्रह खराब करता है, जिससे मान-सम्मान में कमी आती है।
गुंथे हुए आटे को फ्रिज में रखना और उसी से भोजन बनाना परिवार में बरकत को रोकता है।
गुंथे हुए आटे को फ्रिज में रखकर उससे रोज भोजन बनाना परिवार में बरकत को रोकता है, क्योंकि यह पिंड दान करने जैसा है।
Sections
धन प्राप्ति और आर्थिक बाधा दूर करने के उपाय
कमजोर चंद्र के कारण धन की कमी व निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है, विशेषकर सिंह लग्न वालों के लिए।
जिन व्यक्तियों का चंद्र कमजोर होता है, वे अक्सर भ्रमित रहते हैं, निर्णय नहीं ले पाते और धन की कमी का सामना कर सकते हैं। सिंह लग्न वालों का चंद्र आमतौर पर कमजोर होता है क्योंकि यह 6, 8, 12 भावों में पड़ सकता है।
बुध ग्रह की मजबूती व्यापार और वाणी के लिए आवश्यक है, अन्यथा व्यापार में असफलता मिलती है।
जिस व्यक्ति की कुंडली में बुध कमजोर होता है या जिसकी वाणी कमजोर होती है, उसका व्यापार कभी भी अच्छा नहीं चल सकता।
नौकरी में समस्या के लिए छठे भाव को देखना चाहिए, जबकि व्यापार के लिए दसवें भाव का विश्लेषण किया जाता है।
यदि आपका छठा भाव (नौकरी का भाव) कमजोर है, जैसे कि उस पर शनि की दृष्टि पड़ रही हो या मारक ग्रह बैठा हो, तो आपको नौकरी में लगातार समस्याएं आएंगी।
सूर्य को तांबे के लोटे में कुमकुम मिलाकर जल चढ़ाने से मंगल मजबूत होता है और जोश बढ़ता है।
यदि आपमें जोश की कमी है या आलस आता है, तो तांबे के लोटे में सूर्योदय से पहले (8:30 बजे से पहले) जल में थोड़ा कुमकुम डालकर सूर्य नारायण को अर्पण करें। इससे आपका मंगल ग्रह मजबूत होगा।
सूर्य को जल चढ़ाने के सही नियम: तांबे के लोटे से, पूर्व दिशा से, 8:30 बजे से पहले, और जमीन पर गिराकर नहीं।
सूर्य को मजबूत करने के लिए सूर्योदय के समय या उससे पहले नहा-धोकर, तांबे के लोटे में तांबे के लोटे में जल भरें। जल हाथ से जमीन पर नहीं गिरना चाहिए, बल्कि एक पात्र में इकट्ठा कर किसी पौधे में डालना चाहिए (तुलसी और शमी को छोड़कर)। कोहनी को शरीर से सटाकर जल अर्पित करें।
सूर्य को तीन बार अर्क देना चाहिए, शिव जी को एक धार से जल चढ़ाना चाहिए।
शिवलिंग पर जल एक धार से चढ़ाना चाहिए, जबकि सूर्य नारायण को तीन बार अर्क देना महत्वपूर्ण है।
कठिन मंत्र 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' का जाप और सूर्य को जल चढ़ाने के बाद उस जल से माथे पर टीका लगाने से आत्मविश्वास और मान-सम्मान बढ़ता है।
यदि आपका आत्मविश्वास बहुत कम है, घबराहट होती है, या आप किसी से बात करने में संकोच करते हैं, तो 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें और सूर्य को जल चढ़ाएं। जल इकट्ठा करके माथे पर टीका लगाएं। इससे आपका आत्मविश्वास और मान-सम्मान बढ़ेगा।
उच्च के सूर्य (मेष राशि) के सप्तम भाव में व्यापार और व्यक्तित्व को बढ़ा सकता है, लेकिन वैवाहिक जीवन में समस्याएँ ला सकता है।
यदि सूर्य मेष राशि में उच्च का होकर सप्तम भाव (विवाह और साझेदारी का भाव) में बैठा हो, तो यह व्यापार और व्यक्तित्व के लिए बहुत अच्छा होता है, लेकिन अहंकार और समझौते की कमी के कारण वैवाहिक जीवन में समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है।
बुध और राहु की युति या गोचर सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता दिलाता है।
बुध और राहु का संबंध (कुंडली में या गोचर में) संचार कौशल, डिजिटल कार्य, शिक्षा और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग में सफलता दिलाता है। प्रभावी वाणी और गणनात्मक बुध इसमें सहायक होते हैं।
गुरु की 12वें भाव पर दृष्टि अनपेक्षित नुकसान, जेल योग और अत्यधिक हॉस्पिटल खर्च का कारण बन सकती है।
कुंडली का 12वां भाव व्यय, नुकसान और जेल का स्थान होता है। यदि गुरु की दृष्टि इस भाव पर पड़ती है, तो अनपेक्षित नुकसान, जेल जाने के योग और हॉस्पिटल में अत्यधिक खर्च हो सकता है, भले ही गुरु शुभ ग्रह हो।
अत्यधिक ऊर्जा (जैसे कामुकता) को नियंत्रित करने के लिए शारीरिक व्यायाम और मंत्र जाप आवश्यक है।
जिन लोगों की कुंडली में मंगल या मंगल-शुक्र की युति प्रबल होती है, उन्हें अपनी अतिरिक्त ऊर्जा को नियंत्रित करने के लिए दौड़ना, जिम जाना या कोई भी शारीरिक गतिविधि (जैसे एरोबिक्स, डांस) नियमित रूप से करनी चाहिए।
चंद्र को शांत करने के लिए 'सोम सोमाय नमः' मंत्र का जाप, चांदी के गिलास में पानी पीना, और 43 दिनों तक मां से उपहार लेना सहायक है।
मन को शांत करने और चिंताओं को दूर करने के लिए 'सोम सोमाय नमः' मंत्र का जाप करें, चांदी के गिलास में पानी पिएं। अपनी माता से 43 दिनों तक चांदी का कोई वस्तु उपहार के रूप में लें।;
धन की रुकावट दूर करने के लिए पीली कौड़ी को नदी में प्रवाहित करने से पहले चार बार एंटी-क्लॉकवाइज सिर से उतारें।
जब धन आगमन में बाधाएं आ रही हों, तो चार पीली कौड़ियां लें, उन्हें किसी बहती जल (नदी) के किनारे ले जाकर, अपने सिर से चार बार एंटी-क्लॉकवाइज उतारें और फिर उन्हें जल में प्रवाहित कर दें।
नमक के पानी से पोछा लगाने से घर के लोगों का दरिद्र योग बनता है और मान-सम्मान कम होता है।
घर में नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए नमक के पानी से पोछा नहीं लगाना चाहिए, क्योंकि यह घर के सदस्यों के लिए दरिद्र योग बना सकता है और उनके मान-सम्मान को कम कर सकता है। इसके स्थान पर फिटकरी के पानी का उपयोग करें।
टूटे हुए बर्तनों में खाना परोसने या बनाने से धन की कमी बनी रहती है।
स्त्री यदि टूटे हुए बर्तनों में खाना परोसे या बनाए, तो उसके घर में कभी भी धन नहीं टिकता और पैसा लीक होता रहता है।
प्रेम, आकर्षण और वैवाहिक सुख के उपाय
प्रेम विवाह के लिए शुक्र, चंद्र और मंगल ग्रह का मजबूत होना आवश्यक है।
प्रेम विवाह की संभावनाओं के लिए कुंडली में शुक्र, चंद्र और मंगल ग्रहों का मजबूत होना महत्वपूर्ण है। मंगल और शुक्र की युति या दृष्टि संबंध बहुत जोशीले प्रेम और आकर्षण पावर के संकेत देते हैं।
शुक्र का केंद्र भाव (1, 4, 7, 10) में होना और मंगल-शुक्र की युति या दृष्टि प्रेम विवाह को निश्चित बनाती है।
यदि शुक्र केंद्र भावों में स्थित हो और मंगल-शुक्र के साथ युति या दृष्टि संबंध बना रहे हों, तो प्रेम विवाह का योग निश्चित हो जाता है।
गर्लफ्रेंड से संबंधों में सुधार के लिए शुक्रवार शाम को इत्र को लक्ष्मी मंदिर में रखकर 'शुं शुक्राय नमः' मंत्र का जाप करें।
शुक्रवार की शाम को लड़के को इत्र की बोतल लक्ष्मी मंदिर में रखनी चाहिए। वहां 'शुं शुक्राय नमः' मंत्र का 11 बार जाप करके इत्र को अभिमंत्रित करें। फिर इस इत्र को रोज अपने शुक्र पर्वत पर लगाकर टैप करें। 43 दिनों तक ऐसा करने से प्रेम बढ़ेगा।
आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए बादाम, देशी घी, गुलाब जल और केसर से बना काजल रविवार को 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र से चार्ज करें।
आकर्षण शक्ति बढ़ाने के लिए रविवार को बादाम जलाकर उसकी राख में देशी घी, गुलाब जल और थोड़ी केसर मिलाकर काजल बनाएं। इसे 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र से चार्ज करें और आंख में लगाएं या कान के पीछे टीका लगाएं। इससे तेज बढ़ेगा।
व्यक्तित्व का आकर्षण ग्रहों की स्थिति, विशेषकर शुक्र, मंगल और लग्न के स्वामी पर निर्भर करता है।
किसी व्यक्ति के प्रति आकर्षण का कारण केवल सुंदरता नहीं, बल्कि उसके ग्रहों की स्थिति (जैसे शुक्र, मंगल) और लग्न (जैसे सिंह, वृषभ, तुला) के स्वामी का प्रभाव भी होता है।
ओरा (YI) को मजबूत करने के लिए मंगलवार को सौंफ उबालकर उस पानी से स्नान करें।
अपने ओरा (aura) को मजबूत करने के लिए मंगलवार को हरी सौंफ रात भर पानी में भिगोकर उबालें। इस पानी को नहाने के पानी में मिलाकर स्नान करें। यह डरपोक व्यक्ति को भी आत्मविश्वास देता है।
पति-पत्नी के रिश्ते में सुधार के लिए पत्नी का सज-संवर कर रहना और पति की इच्छाओं का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।
यदि पति-पत्नी के रिश्ते में रोमांस या आकर्षण कम है, तो पत्नियों को चाहिए कि वे खुद को संवार कर रखें, अपने शुक्र को मजबूत करें और पति की पसंद-नापसंद का ध्यान रखें। दोनों ओर से प्रयास आवश्यक है।
पति द्वारा पत्नी को हर माह पैसे देना, विशेषकर शुक्र से संबंधित वस्तुएँ (मेकअप, इत्र, मिठाई) देना वैवाहिक संबंध को मजबूत करता है।
जो पति अपनी पत्नी को नियमित रूप से पैसे देता है (जैसे ₹5000 देने पर ईश्वर 00 लगाकर लौटाता है) और शुक्र से संबंधित वस्तुएँ (मेकअप, परफ्यूम, मिठाई) उपहार में देता है, उनके रिश्ते में मधुरता और प्रेम बना रहता है।
सौंदर्य, स्वास्थ्य और बालों के लिए उपाय
चेहरे की चमक और बालों की मजबूती के लिए पूर्णिमा की रात को चांद की रोशनी में तेल चार्ज करें।
चेहरे को चमकदार और बालों को स्वस्थ रखने के लिए पूर्णिमा की रात को नारियल तेल, बादाम तेल और कैस्टर ऑयल को कांच की शीशी में भरकर छत या बालकनी में रखें। सुबह इस तेल से चेहरे और सिर की मालिश करें।
सुंदरता के लिए मां त्रिपुरा सुंदरी की आराधना करें और पैरों की देखभाल पर ध्यान दें।
सौंदर्य प्राप्ति के लिए मां त्रिपुरा सुंदरी की आराधना करें। साथ ही, अपने पैरों कोमल और साफ रखें; फटी एड़ी दरिद्रता का संकेत हैं। वैभव के लिए पैरों की देखभाल आवश्यक है।
फटे पैरों की देखभाल के लिए हफ्ते में दो बार गुनगुने पानी में रॉक साल्ट और फिर गुलाब जल, पंखुड़ियों और दालचीनी के मिश्रण से पैर धोएं।
पैरों की देखभाल और वैभव प्राप्ति के लिए हफ्ते में दो बार, पहले गुनगुने पानी में रॉक साल्ट डालकर 10 मिनट पैर रखें। फिर दूसरे पानी में गुलाब जल, गुलाब की पंखुड़ियां और दालचीनी पाउडर मिलाकर 10 मिनट रखें। अंत में मॉइस्चराइजर लगाएं।
बालों का झड़ना शनि के कमजोर होने का संकेत है; इसे रोकने के लिए पीपल के पेड़ के नीचे सरसों तेल और काले तिल चढ़ाएं।
जब शनि खराब होता है तो बालों का झड़ना गुच्छों में होने लगता है। इसे रोकने के लिए, शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे एक कटोरी में सरसों तेल और काले तिल मिलाकर, अपने सिर से सात बार क्लॉकवाइज घुमाकर अर्पित करें।
नजर दोष दूर करने के लिए नींबू, लाल मिर्च, लौंग, नमक और सरसों का मिश्रण से 15 दिन में एक बार उतारा करें।
नजर दोष या नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए एक नींबू, 7 खड़ी लाल मिर्च (डंडी सहित), 7 लौंग, 7 चुटकी नमक और 7 चुटकी पीली व काली सरसों को एक कागज में रखकर अपने ऊपर से तीन बार नीचे तक उतारें और फिर गैस पर जला दें। बचा हुआ राख घर से बाहर फेंकें।
व्यक्तित्व और भाग्य सुधार के कर्म-कांड
बिना नहाए रसोई में घुसना, चप्पल पहनकर खाना बनाना और बार-बार चखना सूर्य को खराब करता है और मान-सम्मान घटाता है।
एक स्त्री का बिना नहाए धोए रसोई में प्रवेश करना, चप्पल पहनकर खाना बनाना और बार-बार भोजन चखना उसका और परिवार का सूर्य ग्रह खराब करता है, जिससे मान-सम्मान में कमी आती है।
गुंथे हुए आटे को फ्रिज में रखना और उसी से भोजन बनाना परिवार में बरकत को रोकता है।
गुंथे हुए आटे को फ्रिज में रखकर उससे रोज भोजन बनाना परिवार में बरकत को रोकता है, क्योंकि यह पिंड दान करने जैसा है।
टूटे हुए बर्तनों में खाना परोसने से धन की हानि होती है और पैसा नहीं जुड़ता।
यदि स्त्रियाँ टूटे हुए बर्तनों में खाना परोसती हैं, तो उनकी आर्थिक स्थिति सुधरती नहीं है और पैसा हमेशा लीक होता रहता है।
आत्म-देखभाल (Self-care) स्वयं को प्रेम करने का आधार है और इससे शुक्र व चंद्र ग्रह मजबूत होते हैं।
जो महिलाएं अपनी देखभाल करती हैं, खुद को व्यवस्थित रखती हैं और उन पर धन खर्च करती हैं (खासकर पति के धन से), उनका शुक्र और चंद्र मजबूत होता है, जिससे वे खुशमिजाज और आकर्षक बनती हैं।
जीवनसाथी के साथ प्रेम बनाए रखने के लिए 16 श्रृंगार, सज-संवर कर रहना और एक-दूसरे की इच्छाओं का सम्मान करना आवश्यक है।
वैवाहिक जीवन में प्रेम और आकर्षण बनाए रखने के लिए पत्नी का 16 श्रृंगार करना, सजना-संवरना और पति की इच्छाओं का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। केवल लोअर-टीशर्ट में रहना रिश्ते को कमजोर कर सकता है।
Ask a Question
*Uses 1 Wisdom coin from your coin balance

